- अभ्यर्थियों को चाहिए कि वे विवरणिका को पढ़कर सभी नियमों से अवगत हो कर तद्नुसार ही प्रवेश-आवेदन पत्र भरें। प्रवेश के पश्चात् विद्यार्थियों को इस पुस्तिका में उल्लिखित नियमों का पालन करना आवश्यक होगा।
-
सभी प्रकार के शुल्क केवल महाविद्यालय के कार्यालय काउन्टर पर जमा होते हैं और उनके लिए छपी पक्की रसीदें दी जाती हैं। रसीद प्राप्त कर उसकी जाँच कर लें कि वह ठीक है और उस पर किसी प्रकार की कटिंग नहीं है। यदि रसीद में कोई त्रुटि हो तो काउन्टर पर दूसरी रसीद की माँग करें। रसीद को सुरक्षित रखें ताकि कभी भी आवश्यक होने पर उसे आप प्रस्तुत कर सकें। यदि कोई छात्र/छात्रा महाविद्यालय काउन्टर पर शुल्क स्वयं जमा कर रसीव नहीं प्राप्त करता है तो उसकी जिम्मेदारी सम्बन्धित छात्र/छात्रा की होगी।
-
प्रवेश हेतु आवेदन पत्र एवं विवरणिका महाविद्यालय कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। प्रवेश आवेदन पत्र अभ्यर्थी के नाम से ही दिया जाता है। दूसरे व्यक्ति से क्रय किया गया आवेदन पत्र मान्य नहीं होगा। महाविद्यालय में प्रवेश से सम्बन्धित आवश्यक जानकारी के लिए महाविद्यालय की विवरणिका का सतर्कतापूर्वक अवलोकन करें।
- महाविद्यालय परिसर में संस्थागत विद्यार्थियों के अतिरिक्त प्राचार्य की अनुमति के बिना असम्बद्ध अथवा वाहा व्यक्तियों का प्रवेश निषिद्ध है। इसका उल्लंघन करने वाले के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही की जा सकती है और उसे पुलिस को सौंपा जा सकता है। इसके लिए उत्तरदायी किसी संस्थागत छात्र/छात्रा के विरुद्ध अनुशासिक कार्यवाही भी की जा सकती है।
- वाहा व्यक्तियों के लिए किसी कार्य दिवस पर प्राचार्य से मिलने का समय अपरान्ह 2.00 बजे से 3.00 बजे तक है।
- महाविद्यालय के सभी संस्थागत छात्र/छात्राएँ किसी भी स्थिति में अपना प्रवेश अनुमति पत्र, शुल्क रसीद, परिचय-पत्र और पुस्तकालय-कार्ड अन्य किसी को न दें अन्यथा उनके गलत प्रयोग से सम्बन्धित छात्र/छात्रा का अहित सम्भव है और महाविद्यालय प्रशासन भी इस दोषपूर्ण आचरण के लिए उसे दण्ड दे सकता है। दूसरों के हाथ में पाये गये, प्रवेश अनुमति-पत्र, परिचय-पत्र और पुस्तकालय कार्ड तत्काल निरस्त कर दिये जायेंगे।
- परिचय-पत्र न होने पर विद्यार्थी महाविद्यालय से कोई प्रमाण-पत्र या सुविधा नहीं पा सकेगा।
- विश्वविद्यालय के नियमानुसार कक्षाओं में छात्र-छात्राओं की 75% उपस्थिति अनिवार्य है।
- महाविद्यालय की विवरणिका में दिये गये नियम एवं विधि में किसी प्रकार के परिवर्तन तथा नये नियम एवं विधि लागू करने के समस्त अधिकार प्राचार्य के पास सुरक्षित हैं, जिसे कानूनी रूप से किसी अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती है।
विशेष : छात्राओं को प्रवेश में 3 प्रतिशत अर्थातू 15 अंक का विशेष अधिभार दिया जायेगा। प्राचार्य द्वारा विशेष परिस्थिति में 5 प्रतिशत तक अधिभार दिया जा सकता है।